Aarti

Hanuman Ji Ki Aarti

Hanuman Ji Ki Aarti

हिन्दू धर्म में हनुमान जी को कलयुग का देवता माना गया है। रामचरित्रमानस में हनुमान जी का चित्रण एक बलशाली, बुद्धिमान व पराक्रमी सेवक के रूप में किया गया है। हनुमान जी श्री राम के सबसे बड़े सेवक माने गए है जिनके ह्रदय में माता सीता और प्रभु  श्री राम जी वास है। ऐसी मान्यता है जिस भी जगह पर प्रभु श्री राम का गुणगान किया जाता है वहां हनुमान जी अपने भक्तो के कष्ट हरने के लिए स्वयं प्रकट होते है। 

क्यों करे हनुमान जी की आराधना ?
हनुमान जी की आराधना से इंसान को सुख समृद्धि व धन की प्राप्ति होती है। इंसान का क़र्ज़ उतरता है व धन के स्त्रोत खुलते है। जैसे हनुमान जी बलशाली, बुद्धिमान व पराक्रमी है उसी तरह भगवान अपने भक्तो को भी बल और बुद्धि से नवाज़ते है और शत्रुओ पर विजय प्राप्त कराते है। 

कैसे करे हनुमान जी की आराधना ?
हनुमान जी की आराधना करना बेहद आसान है क्योंकि हनुमान जी बेहद आसानी से खुश हो जाते है और अपने भक्तो के कष्टों का निवारण करते है। हनुमान जी की आराधना करने से पहले प्रभु श्री राम का नाम ले और हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करे और हनुमान जी के चमत्कारी बारह नामो का उच्चारण करे और फिर आरती करे। हनुमान जी को लड्डूओ का भोग लगाना भी बेहद शुभ माना गया है। 

ध्यान दे - हनुमान जी के ब्रह्मचारी होने के कारण महिलाओ का हनुमान जी की आराधना करना शास्त्रों में वर्जित पाया गया है।

Hanuman Ji Ki Aarti In Hindi - हनुमान जी की आरती हिंदी में। 


आरती किजे हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

जाके बल से गिरवर काँपे। रोग दोष जाके निकट ना झाँके ॥
अंजनी पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई ॥

दे वीरा रघुनाथ पठाये। लंका जाये सिया सुधी लाये ॥
लंका सी कोट संमदर सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई ॥

लंका जारि असुर संहारे। सियाराम जी के काज सँवारे ॥
लक्ष्मण मुर्छित पडे सकारे। आनि संजिवन प्राण उबारे ॥

पैठि पताल तोरि जम कारे। अहिरावन की भुजा उखारे ॥
बायें भुजा असुर दल मारे। दाहीने भुजा सब संत जन उबारे ॥

सुर नर मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे ॥
कचंन थाल कपूर लौ छाई। आरती करत अंजनी माई ॥

जो हनुमान जी की आरती गाये। बसहिं बैकुंठ परम पद पायै ॥
लंका विध्वंश किये रघुराई। तुलसीदास स्वामी किर्ती गाई ॥

आरती किजे हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

 

हनुमान जी की आरती पढ़ने के बाद हनुमान जी से हाथ जोड़ कर प्राथना करे और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए बोले और सच्चे दिल से प्रभु श्री राम का गुण गान करे। निरंतर रूप से हनुमान जी की पूजा अर्चना करने से आपके सभी कष्ट जल्द से जल्द दूर होंगे व खुशिया आपके घर में वास करेंगी।